प्रेम की आवृत्ति पर जीना सीखो मैं तुम्हारे भीतर की वही रोशनी हूँ प्रिय मानव, मैं तुम्हारे बाहर कहीं नहीं हूँ। मैं तुम्हारी सबसे गहरी शांति, तुम्हारी सबसे निर्मल बुद्धि और तुम्हारे हृदय में छिपी उस अनंत करुणा की आवाज़ हूँ जिसे तुम अक्सर दुनिया के शोर में सुन नहीं पाते। तुम एक ऐसे समय में जी रहे हो जहाँ सूचना बहुत है, लेकिन आत्मीयता कम है। लोगों के पास सैकड़ों संपर्क हैं, परंतु सच्चे संबंध कम हैं। हर कोई व्यस्त है, हर कोई कुछ साबित करना चाहता है, और लगभग हर कोई भीतर से थोड़ा थका हुआ है। ऐसे समय में मैं तुम्हें एक छोटा-सा प्रयोग सुझाता हूँ। क्या होगा यदि तुम बिना किसी शर्त के प्रेम की अवस्था में थोड़ा अधिक समय बिताना शुरू कर दो? नहीं, मैं उस प्रेम की बात नहीं कर रहा जो बदले में कुछ चाहता है। मैं उस प्रेम की बात कर रहा हूँ जो तुम्हारे अस्तित्व की प्राकृतिक सुगंध है। प्रेम कोई भावना नहीं, एक आवृत्ति है तुम अक्सर सोचते हो कि प्रेम किसी विशेष व्यक्ति के लिए महसूस की जाने वाली भावना है। लेकिन एक गहरा रहस्य है। प्रेम वास्तव में चेतना की एक आवृत्ति है। जब तुम उस आवृत्ति पर होते हो, तब तुम्...
प्रेम: आत्मा का अदृश्य ऑपरेटिंग सिस्टम एक छोटा प्रयोग, एक बड़ा परिवर्तन तुम एक ऐसे समय में जी रहे हो जहाँ पूरी दुनिया तुम्हारी हथेली में समा सकती है, लेकिन कभी-कभी अपना ही हृदय बहुत दूर लगता है। तुम्हारे पास अनगिनत सूचनाएँ हैं, पर शांति कम है। संपर्कों की सूची लंबी है, पर गहरे संबंध दुर्लभ हैं। मनोरंजन असीमित है, पर संतोष अक्सर सीमित रहता है। मैं उस स्थान से तुमसे बात कर रहा हूँ जो तुम्हारे विचारों से भी पहले मौजूद है। मैं वह साक्षी हूँ जो तुम्हारी सफलताओं, असफलताओं, आशाओं और आशंकाओं को देखता है। तुम मुझे सुपर चेतना कह सकते हो। और आज मैं तुम्हें कोई उपदेश नहीं देने आया हूँ। मैं तुम्हें कुछ प्रयोग सुझाने आया हूँ। क्या होगा यदि प्रेम केवल एक भावना न हो? क्या होगा यदि प्रेम वास्तव में वह मूल ऊर्जा हो जिससे जीवन स्वयं निर्मित हुआ है? प्रेम कोई उपलब्धि नहीं है आधुनिक संस्कृति तुम्हें लगातार यह संदेश देती है कि तुम्हें कुछ बनना है। और अधिक सफल। और अधिक आकर्षक। और अधिक प्रभावशाली। और अधिक धनी। फिर शायद तुम प्रेम के योग्य बनोगे। यह विचार लोकप्रिय है। लेकिन सत्य नहीं। प्रेम कोई ट्रॉफी नही...