सकारात्मक विचारों से रचता है जीवन का दिव्य प्रवाह! विचारों की अदृश्य धारा जहाँ से जीवन आकार लेता है इस ब्रह्मांड में कुछ भी संयोग से नहीं होता। जो लोग तुम्हारे जीवन में आते हैं, जो परिस्थितियाँ तुम्हारे सामने आती हैं, और जो घटनाएँ घटती हैं—वे सभी किसी न किसी अदृश्य स्रोत से उत्पन्न होती हैं। वह स्रोत बाहर नहीं, तुम्हारे भीतर है। तुम्हारे विचार। जब तुम सकारात्मक विचार सोचते हो, तब तुम केवल अच्छा महसूस नहीं कर रहे होते; तुम एक ऊर्जा, एक संकेत, एक निमंत्रण भेज रहे होते हो। और जीवन उस निमंत्रण को स्वीकार करता है। आध्यात्मिक सत्य यह है कि जीवन तुम्हारे शब्दों पर नहीं, तुम्हारी आंतरिक अवस्था पर प्रतिक्रिया करता है। विचार: सृजन का पहला स्पंदन सकारात्मक विचार क्या होते हैं सकारात्मक विचार केवल आशावाद नहीं हैं। वे स्पष्ट मानसिक चित्र हैं—उन अनुभवों के, जिन्हें तुम जीना चाहते हो। जब तुम शांति के बारे में सोचते हो, तो तुम शांति की आवृत्ति बन जाते हो। जब तुम प्रेम के बारे में सोचते हो, तो तुम प्रेम के द्वार खोलते हो। नकारात्मक विचारों की तरह सकारात्मक विचार भी शक्तिशाली होत...
मैं डॉ. लाल करुण हूँ। प्रोफेशनल | ब्लॉगर | लाइफ कोच | अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त ध्यान विशेषज्ञ | एबंडेंस मिस्टिक | पर्यावरण कार्यकर्ता | लेखक | कवि | बहुभाषी
